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देशभर में अनूठी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (एम.एम.के.वी.वाय.) का राजस्थान में आगाज़

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जयपुर, 07 नवम्बर। भारत में सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी बेराजेगारी की समस्या से निपटने के लिए राजस्थान में अनूठी पहल को मूर्त रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुरूप अब राज्य के 300 से ज्यादा सरकारी काॅलेजों में शिक्षा के साथ कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।

प्रदेश के श्रम, कौशल एवं नियोजन विभाग के शासन सचिव नवीन जैन तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की शासन सचिव शुचि शर्मा ने आज यहां आरएसएलडीसी सभागार में आयोजित एक समारोह में इस आशय के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कौशल, रोजगार एवं नियोजन मंत्री अशोक चांदना, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी तथा आरएसएलडीसी के प्रबन्ध निदेशक डाॅ समित शर्मा भी उपस्थित थे।

श्री चांदना ने अपने संबोधन में कहा कि अब तक यह समझा जाता था कि कौशल विकास योजना की जरूरत केवल उन्हीं युवाओं को है, जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रहते आए हंै। लेकिन अब दोनो विभागों की सक्रिय भागीदारी से काॅलेजों मंे युवा रोजाना लगभग चार घंटे कौशल विकास योजना का लाभ भी उठा सकेंगे। इस तरह काॅलेज की शिक्षा पूरी करने पर उन्हंे रोजगार के लिए दर-दर भटकना नहीं पडे़गा। उन्होंने कौशल विकास योजना में ‘हार्ड स्किल्स के साथ-साथ ‘साॅफ्ट स्किल्स’ के प्रशिक्षण की भी जरूरत बताई।

श्री भाटी ने बताया की यह देश की ऐसी अनूठी योजना है जो प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। योजना के प्रथम चरण मंे 117 काॅलेजों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पहली बार काॅलेज छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की योजना भी लागू की गई है।

ठससे पहले योजना के मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए श्रम कौशल एवं नियोजन विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि प्रदेश के 300 काॅलेजों को बिना किसी शुल्क के राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) की संबद्धता दी गई है। सभी प्रशिक्षित युवाओं के कौशल की जांच-पड़ताल राजस्थान राज्य कौशल विश्वविद्यालय (रीसू) द्वारा की जाएगी। ‘रीसू’ के दक्षता प्रमाण पत्र से युवाओं को रोजगार मिलने में काफी मदद मिलेगी।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की शासन सचिव शुचि शर्मा ने बताया कि यह योजना काॅलेज शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। योजना के तहत उनका विभाग सभी ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराएगा, जबकि कौशल प्रशिक्षण का काम आरएसएलडीसी करेगा। दोनों विभागों के तालमेल से बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

इस अवसरपर ‘आरएसएलडीसी’ के ट्रेनिंग पार्टनर्स के प्रतिनिधि और दोनो विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजुद थे। अन्त में काॅलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरहट ने धन्यवाद ज्ञापित किया और योजना की सफलता की उम्मीद जताई।


Source: India

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